यह भी प्यार है
- Arun Mishra

- Aug 1, 2015
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दो दिन पहले की बात है । सुबह का समय था । पत्नी जी ने फरमाइश की । मीठी वाली ब्रेड खानी है, चाय के साथ । हम बोले अभी बच्चे उठे गें तो मंगा देंगे । बोली – नहीं तुम्ही ले आओ । हम अनसुनी कर दिए । चाय बनाने लगे । सुबह की पहली चाय बनाना मेरे हिस्से का काम है । कहती है इससे प्यार बढ़ता है । सो पिछले 24 साल से प्यार बढ़ा रहे हैं हम अपने रोजाना सुबह वाले प्यार बढ़ाने के काम में लग गए । चाय का पानी चढ़ा दिया, ब्रेड वाली फरमाइश नज़र अंदाज करके । भूल गए कि पत्नियों की फरमाइश को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए ।
अचानक जोर जोर से पत्नी जी गाने लगी – ‘काश कोई लड़का मुझे प्यार करता …’ ।
आगे आप समझ सकते हैं । आवाज सोसाइटी तक पहुंचती, उससे पहले ही हम दूकान की तरफ भागे, रॉकेट की तरह । और अगले 5 मिनट में मीठी ब्रेड ले आए ।
और अगले 7 मिनट में ब्रेड के साथ चाय पेश कर दी …
संदेश – भाइयों, सब से पंगा लेना पर पत्नी जी से नहीं …
अरुण










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