मुझे घर चाहिए
- Arun Mishra

- Apr 20, 2015
- 2 min read
मेरे पास मकान हैं. उसमे कमरे हैं. हवा है, बिजली है, पानी है. पर वो घर नहीं लगता. मकान में रसोई हैं, खाना है, बिस्तर है, सब कुछ है पर वो घर नहीं लगता. उसमे घर वाली महक नहीं है. लोग रहते है. अपने अपने में व्यस्त रहते हैं. कोई टीवी में तो कोई मोबाइल में तो कोई किताब में. पर आपस में लगाव नहीं है. वो घर वाली बात नहीं है.
मुझे मकान नहीं चाहिए, मुझे घर चाहिए !
I want a happy Home.
क्या करें ?
बात करें. एक दूसरे से बात करें. वो बात करें जो उसको अच्छी लगे. वो बात न करें जो उसे न अच्छी लगे.
रिश्तों की बात करें. पर किसी को बहुत जादा बीच में न लाएं. अक्सर ये देखा गया है कि पत्नी अपनी सास के बारे में बोलती है और पति को अच्छा नहीं लगता. लाजमी है, किसी को भी अपनी माँ के बारे में बुराई सुनना अच्छा नहीं लगेगा. यह बात दोनों तरफ से हो सकती है.
प्यार का माहौल बनाए. हंसी मजाक का माहौल बनाएं.
प्यार करें.
happy-home
क्या न करें ?
किसी की तारीफ करें पर बुराई न करें. अक्सर ये देखा गया है कि पत्नी अपनी सास के बारे में बोलती है और पति को अच्छा नहीं लगता. लाजमी है, किसी को भी अपनी माँ के बारे में बुराई सुनना अच्छा नहीं लगेगा. ऐसी बातें न करें.
अनदेखा न करें. कोई अच्छा काम करे तो उसकी प्रसंशा करें. अनदेखा न करें.
किसी पर बहुत जादा काम ना डालें.
किसी पर हमेशा व्यंग न कसें. वो चिड़चिड़ा हो जाएगा.
मकान को घर बनाए
सब साथ रहे.
बात चीत करे.
एक दूसरे कि भावनाओं को समझें.
एक दूसरे का आदर करें, सम्मान करे.
प्रोग्राम करें, इवेंट करें, पूजा करें, सभी को बुलाएं, मित्रों को बुलाएं, रिश्तेनातों को बुलाएं.
घर की महक आएगी, प्यार से.









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