मैं मानस का फूफा जी हूँ
- Arun Mishra

- Feb 19, 2019
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मैं मानस का फूफा जी हूँ । फूफा जी कम व दोस्त जादा हूँ । पहले वो मेरा प्रसंशक था, आजकल मैं उसका प्रसंशक हूँ । प्रयाग जाऊं और अपने बेटे मानस से मुलाकात न हो तो सब बेकार समझिए । फरवरी 14, को जैसे ही हम प्रयाग पहुँचे, मानस व उनके पिताजी, जो हमारे बड़े भाई हैं, स्वयं आकर मिले ।
आप लोग को तो मालूम ही होगा कि बुआ जी के चरण स्पर्श करने से व आशीर्वाद लेने से , रिजल्ट में पास होना, जॉब लगना, कैरियर बनना, किसी से प्यार होना, शादी होना, सुखी जीवन होना, सब कुछ फलित होता है । अपने मानस ने भी अपनी बुआ से ऐसा ही आशीर्वाद लिया ।
हमारे साथ रेला बड़ा था । समय कम था । मन तो बहुत था, पर व्यवस्तता के कारण उनके घर जाकर अन्य परिवार जन से मुलाकात नही हो पाई ।









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