top of page

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ?

  • Writer: Arun Mishra
    Arun Mishra
  • Jul 6, 2017
  • 2 min read

लेखन में दिल कैसे जीता जाता है ?


यह बहुत सरल कला है । कुछ बातों का ध्यान रखिए और बात बन जाएगी ।


1. पाठक वर्ग – किसके लिए लिख रहे हैं, उसे समझिए, उसकी पसंद को समझिए, उसके taste को जानिए, अपने लेखन में उन बातों का ध्यान रखिए । अपने पाठक का मन लिखिए, अपने पाठक का दिल लिखिए ।


2. चुटकुले, हास्य, व्यंग आदि चाट की तरह होते हैं । चाट सभी को अच्छी लगती है । पर समय पर । सीमित मात्रा में । बेसमय चाट अच्छी नहीं लगती । असीमित चाट नुकसान करती है । अच्छी चाट परोसिए । लोगों को अच्छा लगेगा । सावधान रहिए, रोज चाट का ठेला मत लगाइए अन्यथा आप ‘चाट वाले भइया’ बन जाएंगे

3. मीठा खाने से शुगर बढ़ सकता है पर मीठा लिखने, मीठा बोलने, मीठा सुनने व सुनाने से शुगर घटता है । मीठा लिखिए ।

4. पॉजिटिव बातें सब को अच्छी लगती हैं । सकारात्मक लिखने व पढ़ने से मस्तिष्क अच्छा होता है, अच्छे विचार आतें हैं, ऊर्जा मिलती है और जीवन को गति मिलती है । मेरी दादी कहती थी – बेटवा, अच्छी बात से मूड़ अच्छा होता है, मेरी बेटी कहती है – अच्छी बात से मूड अच्छा होता है । मूड़ और मूड में जनरेशन गैप है, पर यह तो तय है कि सकारात्मकता से कुछ तो अच्छा होता ही है । पुरानी बूढ़ी अम्मा भी यही कहती हैं । अविरल बहती सरिता भी यही कहती है और हरी भरी प्रकृतिमयी वसुंधरा भी यही कहती है ।

5. आशावाद लिखिए । आशावाद से जीवन में दीपक जलता है, उजाला होता है । निराशावाद अक्सर दीपक बुझा देता है । आशा ही जीवन है । सभी सफल लोग आशावादी होते हैं । जहां आशा है, वहां सफलता है ।

6. शुभ लिखिए । अशुभ कभी मत लिखिए । शुभ लिखिए, शुभि लिखिए, शुभम् लिखिए । कल्याण होगा ।

7. प्रेम लिखिए । हमेशा वो वाला प्रेम ही मत लिखिए, लोग बोर हो जाएंगे, कभी कभी ये वाला प्रेम भी लिखिए । ईश्वर का प्रेम, भाई बहन का प्रेम, माता पिता का प्रेम, समाज व देश का प्रेम लिखिए । अच्छा लगेगा ।

8. छोटे वाक्य लिखिए । आजकल यही फैशन है ।समय के साथ चलिए । छोटे वाक्य और सरल शब्द सब को अच्छे लगते हैं । छोटे वाक्यों में कमल खिलाइए ।

9. सच लिखिए पर सच के नाम पर कड़वा मत लिखिए । मेरा एक मित्र है, कहता है कि – मैं सच लिखता हूँ, पर स्थान और समय के मुताबिक लिखता हूँ । सुबह लिखता हूँ कि सूरज निकलने वाला है और शाम को सूरज अस्त हो रहा है नहीं लिखता, बल्कि लिखता हूँ कि चांद निकलने वाला है । आप भी सच का सौरभ बनाइए, जिसमें सच के फूल खिले हों । आज इतना ही । बाकी फिर कभी ।

ये नुस्खे अपनाएं । लेखन में आप दिल जीत लेंगे । हमारा भी, उनका भी ।

सभी को प्यार!


Comments


ArunMishra1.jpg

Dr. Arun Mishra

Read the blog, enjoy, write your comments, ask your questions, we will happy to discuss with you.

Let the posts
come to you.

Thanks for submitting!

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • Pinterest

Let me know what's on your mind

Thanks for submitting!

© Life Success Mantra

bottom of page