top of page

क्या खाएं जब चालीस के हो जाएं ?

  • Writer: Arun Mishra
    Arun Mishra
  • Feb 10, 2020
  • 2 min read

इस उम्र के दौरान शरीर को हाई फाइबर फूड्स की जरूरत होती है । रेशों से भरपूर खाद्य पदार्थ हॉट फ्लैशेज से बचने का बेहतर उपाय है कि आप अपनी डाइट में हाई फाइबर फूड्स को शामिल करना ना भूलें । इससे शरीर के ब्लड शुगर मेंटेन रहता है ।  हाई फाइबर खाद्य पदार्थों में साबुत अनाज, ब्रोकली, सेब, अमरूद, गाजर आदि शामिल होते हैं । फलियों में आप बीन्स, मसूर और मटर को चुन सकती है। रेशेदार भोजन न केवल हॉट फ्लैशेज (a sudden feeling of feverish heat, typically as a symptom of the menopause in ladies) की समस्या को कम करता है बल्कि इस तरह का भोजन वजन को नियंत्रित रखने के साथ ही पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाता है।




भोजन के उचित पाचन के लिए फाइबर की जरुरत होती है । आपको यह महसूस कराने के लिए कि आपका पेट भरा है, आहार संबंधी फाइबर आवश्यक है । फाइबर की कमी से कब्ज़, बवासीर तथा रक्त में कोलोस्ट्राल और शक्कर की मात्रा का बढ़ना आदि समस्याएँ आ सकती हैं । इसके विपरीत इसकी अत्यधिक मात्रा के उपयोग से आंतडियों में परेशानी, दस्त या निर्जलीकरण की समस्या भी आ सकती है । वे व्यक्ति जो अपने भोजन में फाइबर के सेवन को बढ़ाते हैं, उन्हें पानी का सेवन भी बढ़ाना चाहिए । जब फाइबर की बात आती है तो छोटे से परिवर्तन आपके फाइबर के सेवन और और समग्र स्वास्थ्य पर एक बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं । फाइबर के सेवन से दिल की बीमारी, मधुमेह, मोटापा और विशिष्ट प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है । महिलाओं को दिनभर में 25 ग्राम रेशा और पुरुषों को लगभग 35 से 40 ग्राम रेशे की आवश्‍यकता होती है । लेकिन हम केवल 15 ग्राम रेशा ही खा पाते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि आप अपना मनपसंद खाना छोड़ दें या अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं । यहाँ कुछ खाद्य पदार्थ बताए गए हैं जिनका उपयोग करके आप फाइबर को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं:

मक्का या मकई, दाल, फल (सेव, नाशपाती, अमरुद जैसे फलों  के छिलकों सहित खाएं, छिलकों में सबसे जादा फाइबर होता है), रेशेदार सब्जियां जैसे कि मूली, पत्ता गोभी, बीन्स आदि,  ब्राउन ब्रेड, सूखे मेवे जैसे कि बादाम, गेंहू का आटा, सामान्य चावल या ब्राउन राइस,  मटर, दलिया या ओट्स  (ओट्स में बीटा ग्‍लूकन होता है जो कि एक स्‍पेशल टाइप का फाइबर होता है। यह कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम कर के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है) आदि.


पानी जादा पिएँ. (कम से कम २ लीटर प्रति दिन)


स्वस्थ रहे. खुश रहें. 



Comments


ArunMishra1.jpg

Dr. Arun Mishra

Read the blog, enjoy, write your comments, ask your questions, we will happy to discuss with you.

Let the posts
come to you.

Thanks for submitting!

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • Pinterest

Let me know what's on your mind

Thanks for submitting!

© Life Success Mantra

bottom of page