top of page

कैसे बना शिक्षक ?

  • Writer: Arun Mishra
    Arun Mishra
  • Jun 14, 2015
  • 2 min read

इंजीनियरिंग करने के बाद एक छोटी से नौकरी कर रहा था. Software programmer था । एक दिन हेगड़े साहब ऑफिस आए । बात बात में बोले – अरे अरुण, तुमने तो Pascal programming पढ़ा है । मेरी बेटी इंजीनियरिंग कर रही है । उसे पढ़ा दो । साथ में यह भी बताया कि पिछले exam में यह subject रह गया था । ट्यूशन क्लास लगाया तो उसे भी छोड़ दिया । तुम जरा try करो । I know, you can do it. मैं क्या बोलता. मैंने बोला ठीक है भेज दीजिए ।


लड़की लंबी थी । पतली थी । मुंबइया थी । फिल्मी looks थे । इंजीनियरिंग डिग्री का दूसरा साल था । उमर आप guess कर सकते हैं । Fatal attraction के लिए इतना काफी था । खैर, हमने मन को कंट्रोल किया । चुपचाप सीधे तरीके से Pascal पढ़ाया.


दो तीन महीने बाद फिर से हेगड़े जी मिले । बड़े खुश । बोले – अरे अरुण, तुम तो बड़े अच्छे टीचर हो । बेटी अच्छे से पास हो गई । एक काम करो । जिसमे अच्छे हो वही करो । You become Lecturer. मैंने पूछा – कैसे ? कुछ बोले नहीं. तुरंत फोन लगाए । बोले – मिस्टर कुलकर्णी, अरुण को भेज रहा हूँ, जरा देख लेना । कुलकर्णी साहेब उस समय Aptech में GM थे । बोले – जाओ, पास में उनका घर है, मिल लो । मैं अभी भी इंजीनियरिंग 4th year की dress में ही था – गंदी जींस और चप्पल । मुझे सकुचाता देख बोले – कोई बात नहीं, सारे इंजीनियर ऐसे ही रहते हैं, जाओ, कुलकर्णी मेरा दोस्त है, वो भी ऐसा ही है, don’t hesitate, GO.


मैं गया । मिला । अगले दिन उन्होंने ऑफिस में बुलाया । अपनी टेबल पर चाय पिलाई और अपॉइंटमेंट लेटर हाथ में दे दिया । और मैं शिक्षक बन गया ।


आगे की कहानी इतिहास है । इस ‘कैरियर ब्रेक’ के बाद सफ़र लगातार आगे बढ़ता रहा । St. Xaviers, Lokmanya Tilak, DY Patil, Bharti Vidyapeeth, IGNOU और न जाने कहाँ कहाँ पढ़ाया । नवी मुंबईमें 15 इंजीनियरिंग कॉलेज है । लगभग सभी में कभी न कभी visiting lectures लिए होंगे । करीबन 5000 या उससे जादा लोगों को प्रोग्रामिंग और मैनेजमेंट पढ़ाया होगा । सभी बच्चों से बहुत बहुत प्यार मिला । और उस प्यार ने अपने में बांधे रखा । जकड़ कर बांधे रखा ।


एक दिन तय कर लिया कि अब मैं आजीवन education and counselling करूंगा । दूसरा कुछ नहीं करूंगा । मैं शिक्षा से ही जुड़ा रहूंगा । शिक्षा की चादर में लिपटे हुए जाऊंगा ।





1. Thank you Sir, Mr. S. B. Hegde Patil, Juhu Vileparle, Mumbai 

Comments


ArunMishra1.jpg

Dr. Arun Mishra

Read the blog, enjoy, write your comments, ask your questions, we will happy to discuss with you.

Let the posts
come to you.

Thanks for submitting!

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • Pinterest

Let me know what's on your mind

Thanks for submitting!

© Life Success Mantra

bottom of page