50 ग्राम आइस क्रीम की अच्छी रातें
- Arun Mishra

- Aug 18, 2018
- 2 min read
…. मैं सुबह साढ़े 5 बजे निकल जाता था. साईकल थी मेरे पास. सेकंड हैंड खरीदी थी अपने दोस्त के दोस्त से. साईकल से स्टेशन पहुंचता था. सब फिक्स था. मिनट मिनट फिक्स था. साईकल स्टैंड पर लगा कर 6:04 तक प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाता था. 6:05 की लोकल पकड़ कर माहिम जाता था. 7:15 सेंट ज़ेवियर कॉलेज में लेक्चर लेना होता था. होता तो था 7 से 9 पर ट्रेन टाइम ऐसा था कि 7:15 ही पहुंचता था. कॉलेज के प्रिंसिपल फादर फ्रांसिस डिमेलो ने दो चार बार देर से आने के लिए टोका, फिर मान गए.
मान कैसे गए, इसकी भी एक कहानी है. मेरे स्टूडेंट्स मुझे बहुत प्यार करते थे, उन्होंने फादर से मिलकर कहा कि वो मुझे देर से आने के लिए कुछ न कहें, मैं दूर से आता हूँ और ट्रेन टाइम वैसा ही है, इसलिए कुछ न कहें. मैं PG Diploma Computer Science पढ़ाता था. स्टूडेंट्स 20 से 40 वाले age group के थे. बाद में फादर मुझे बुलाए और बोले कि – स्टूडेंट्स को इम्प्रेस करने का कोई जादू जानते हो क्या ? मैं पूछा तो बताए कि स्टूडेंट्स आए थे और बोले कि तुम अच्छा पढ़ाते हो, उन्हें अच्छे लगते हो.फीडबैक अच्छा है इसलिए तुम 7:15 आ सकते हो. मैं धन्यवाद बोला और वापस अपने रूम चला गया
मैं बता रहा था कि 7:15 कॉलेज पंहुच जाता था. 3 बजे तक वहां काम करता था. फिर दादर चला जाता था. 4 से रात 9 बजे तक वहां एक दूसरे इंस्टीटूट में पढ़ाता था. मुंबई शहर ही ऐसा है, काम करना ही पड़ता है, सुबह मुंह अंधेरे से लेकर देर रात तक. इसी को लोग संघर्ष कहते हैं. हम भी इसी संघर्ष के साथी थे. अभी भी हैं
वापस घर पंहुचते थे तो रात के 10 बज जाते थे. Just Married के हसीन किस्से केवल किस्से ही होते हैं. हमने तो संघर्ष का किस्सा देखा. जब घर पहुंचता था तो बेचारी just married wait करती मिलती थी.
पंहुच कर स्नान करता था, खाना खाता था, 11 के करीब होते थे, हम दोनों सड़क पर जाते थे, ठेले वाले से 50 ग्राम ice cream खरीदते थे. वो पत्तल एक देता था और चम्मच दो. हम दोनों आइस क्रीम खाते थे, 5-10 मिनट टहलते थे. वापस कमरे में जाते थे और सो जाते थे.
बड़े अच्छे थे वो 1993 के संघर्ष वाले दिन और प्यारी 50 ग्राम आइस क्रीम की रातें फिर क्या हुआ … ( ये बात फिर कभी…)









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