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रिश्ता क्यों नही बना

  • Writer: Arun Mishra
    Arun Mishra
  • Jan 18, 2023
  • 3 min read

सामाजिक समस्या


शुक्ला जी का बेटा (34) सूरत में अपना काम (बिजनेस) करता है । बेटा करीब 10 लाख रुपए के लाभ का इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करता है, मतलब 10 लाख से जादा की सालाना इनकम होगी । सूत्र बताते हैं कि 16 लाख है । बेटे ने MA किया है व अपने बिजनेस में पिछले 8 साल से जमा हुआ है । बेटा सूरत में अपना बंगला बनवा रहा है जो 50-60 लाख का होगा ।


शुक्ला जी कानपुर में अपने मकान में रहते हैं । बरेली में उनका गाँव है । दादी देवलोक चली गई हैं । गाँव मे अब कोई रहने वाला नही है । गाँव के घर मे ताला लगा हुआ है । खेती अधिया पर दिया हैं । शुक्लाइन नही हैं । पिछले कोरोना में चली गईं । शुक्ला जी की 2 बेटियाँ हैं, दोनो सरकारी नौकरी कर रही हैं । मतलब कोई किसी पर निर्भर नही है । रिश्ते वाली पारिवारिक जिम्मेदारी अपनी जगह है पर आर्थिक रुप से कोई किसी पर निर्भर नही है । आत्मनिर्भर परिवार है । 👍


मुंबई के पाण्डे जी की 2 बेटियाँ हैं । आर्थिक संघर्ष करते हुए, पाण्डे जी ने बेटियों को ग्रैजुएशन कराया व उसके बाद MBA कराया । 👍


पाण्डे जी ने अपनी बेटी (32) के विवाह के लिए शुक्ला जी को फोन किया । शुक्ला जी ने स्पष्ट किया कि (1) सीता को राम के साथ रहना है, मतलब लड़की को विवाह के बाद लड़के के साथ सूरत में रहना होगा, (2) विवाह में वो किसी भी प्रकार का दहेज नही लेंगे, कोई लेनदेन नही होगा ।


पाण्डे जी सूरत गए, लड़के से मिले, बातचीत की, उसका कमरा देखा, उसका ऑफिस देखा, उसका बंगला भी देखा, जो अभी बन रहा है, जून महीने तक कम्पलीट होगा । वापस मुंबई अपने घर आए, सब कुछ घर वालों को बताया, घर वालों की सहमति से तय किया कि बात आगे बढ़ाई जाए । उन्होंने लड़के को अपने घर इनवाइट किया । लड़का व उसके नाशिक वाले चचेरे भैया भाभी लड़की देखने पाण्डे जी के घर गए । वहाँ पहले से ही बहुत लोग थे । लड़का देखने आए थे । बात चीत हुई । लड़की व लड़के को बाहर पास के गार्डन में भेज दिया गया, जिससे वो वहाँ अपनी बात चीत कर सकें ।


लड़की ने लड़के से कहा कि - (1) वो मुंबई के लड़के से विवाह करना चाहती है, जिससे कि अपने माता पिता की सेवा कर सके (2) उसको अपने कैरियर के बारे में सोचना है, कैरियर बनाना है, इसलिए वो सूरत नही जा सकती ।


लड़का लड़की घर वापस आ गए । भोजन हुआ । फोटो खिंचीं । लड़के व उसके भैया भाभी ने सब को प्रणाम किया व वहाँ से विदा हए ।


रास्ते मे भाभी ने पूछा तो लड़के ने लड़की की बात बताई । भाभी को गुस्सा आया कि जब ऐसा था तो लड़के को सूरत से क्यों बुलाया । भैया ने स्थिति को शांत कराया ।


दूसरे दिन भैया ने कहा कि -


पाण्डे जी, 2 बातें स्पष्ट हैं - (1) माता पिता की सेवा अच्छी बात है, यह इमोशनल बात है, हम भावनाओं की कद्र करते हैं, पर सीता राम के साथ ही रहेगी, लड़का अपना सेट बिजनेस छोड़कर मुंबई नही आएगा, लड़की को सूरत में रहना होगा (2) मायके वालों का लड़का लड़की के परिवार में कोई iterference नही होगा, मायके वालों की दखलंदाजी से रिश्ते खराब हो जाते हैं, रिश्ते टूट जातें हैं, इसलिए मायकेवाले कोई दखलंदाजी नही करेंगे, लड़का लड़की अपनी जिंदगी अपने तरीके से जिएंगे । अगर ये दोनों बातें मंजूर हों तो हम आगे बात बढ़ाएंगे, अन्यथा नही ।


अभी तक पाण्डे जी की तरफ से कोई जबाब नही आया । शायद लड़की सूरत जाने को तैयार न हो रही हो या फिर दखलंदाजी वाली बात हजम ना हो रही है ।


या फिर

शायद ये

रिश्ताखोर

अदृश्य कैरियर

एक और रिश्ता खा गया 🙂


समस्या : प्रोपर्टी, कमाई, दहेज, लेनदेन, कैरियर, मायके वालों की लड़का लड़की के परिवार में दखलंदाजी, लड़के लड़कियों की बढ़ती उम्र, माता पिता की चिंताएं, उनका परेशान होना, बच्चों का उनकी बात न मानना, ....


(नोट : प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए, कहानी के पात्रों के नाम व स्थान बदल दिए गए हैं)

 
 
 

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