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पंछी भी सिखाते हमें प्यार से रहना
- Arun Mishra

- Oct 25, 2015
- 1 min read
ऐ सुन, ये दुनिया बड़ी न्यारी है इस दुनिया में, तू सबसे प्यारी है
कुछ तो बोल, सोच क्या रही है मैं इधर हूँ यार, देख तू क्या रही है
सोच रही हूँ कि हे भगवान तूने कैसे बनाए ये इंसान
प्रकृति लूटते हैं, पंछी मारते हैं पागल हैं ये, खुद को मारते हैं
आपस में लड़ते हैं, गफलत फैलाते हैं जातपात में बंटे हैं, नफरत फैलाते हैं










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