खुश कैसे रहें
- Arun Mishra

- Sep 4, 2015
- 1 min read
खुशी :
खुशी एक अनुभूति है.
यह लंबे समय तक हो सकती है. जैसे कि – जब से वह जीत कर आया है, बहुत खुश है.
यह क्षणिक भी हो सकती है. जैसे कि -चुटकुला सुन कर वह बहुत खुश हुआ.
खुश क्यों रहें :
खुशी मनुष्य के मानसिक तथा शारीरिक तनाव को दूर करती है. इस से स्वास्थ लाभ होता है.
प्रत्येक खुशी, छोटी हो या बड़ी, स्वास्थप्रद होती है.
हम कब खुश होते हैं :
किसी से मिल कर – मित्र, प्रिय, कोई अपना, ….
कुछ देख कर – नई जगह, प्रकृति, कार्टून, फिल्म, ….
कुछ पढ़ कर – कहानी, कविता, jokes, ….
कुछ कह कर, कुछ सुन कर – प्रसंशा, अच्छी खबर, संदेश, बातें, यादें, jokes, ….
कुछ पा कर – गिफ्ट, कपड़े, सामान, फूल, साड़ी, ….
कुछ खा कर – नाश्ता, खाना, पीना, मिठाई, नमकीन, पानी पूरी, चाकलेट, …..
कुछ कर के – इवेंट, डांस, गाना, भजन, प्रोग्राम, activity, ….
किसी अच्छी घटना से – surprise, जीत, सफलता, ….
किसी अच्छे काम से – ऑफिस या बिज़नेस में अच्छा काम, नाम, यश, ….
बदलाव से – स्थान में बदलाव, काम में बदलाव, बदलता मौसम, बदलते कपड़े, रंग, रूप, ….
आदि आदि ….
खुश कैसे रहें :
ऊपर लिखे आईडिया पढ़ें. आपको और भी आईडिया आएंगे. कोई एक आईडिया अपनाएं.
खुश रहिए !









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