कैसे रहे परिवार खुश
- Arun Mishra

- Mar 5, 2015
- 2 min read
यह बड़ा प्रश्न है. हर घर का. हर जगह. कैसे रहे परिवार खुश ?
बड़े परिवार अब कम होते जा रहे हैं पर आज भी हिंदुस्तान में अधिकतर परिवार बड़े परिवार हैं. शहरों में जा बसे छोटे छोटे परिवार भी अपनी जड़ों से जुड़े हैं. घर गृहस्थी कि समस्यायों के कारण छोटे छोटे फ्लैट या मकानों में अलग अलग रह रहे परिवार भी आपस में जुड़े हुए हैं और वृहत संयुक्त परिवार का रूप देते हैं. समय समय पर सब मिलते रहते हैं और सुख दुःख बांटते रहते हैं.
यहाँ कुछ टिप्स हैं जो हम सभी अपना सकते हैं और परिवार को खुश रखने में मदद कर सकते हैं.
सब साथ रहें. एक दूसरे को प्यार करें. एक दूसरे के साथ मस्ती करें. खुश रहें. आपस में चुटकुले सुनाएं. गप्पे मारें. हंसे और हंसाएं. आपका व पूरे परिवार का स्वास्थ ठीक रहेगा.
अपनी कहानियां एक दूसरों को सुनाएँ. खुशी वाली भी, बदमाशी वाली भी और दुःख वाली भी. परिवार में कुछ पर्सनल नहीं होता. इसलिए पर्सनल बातें भी शेयर कर सकते हैं.
साथ में खाना खाएं. प्यार बढ़ेगा. निश्चित.
साथ में खेलें. बच्चे आपस में खेले. दादा दादी पोता पोती के साथ जरुर खेलें. दोनों के लिए जरुरी है. दूसरे बड़े भी बच्चों के साथ खेल सकते हैं.
परिवार को प्राथमिकता दें. मित्र भी जरुरी हैं पर परिवार को प्राथमिकता दें. परिवार के साथ समय गुजारें.
बच्चों को पढाई व खेलकूद के अलावां दूसरे काम भी सिखाएं. यह उन्हें बिजी रखेगा और उन्हें गलत हरकतों या बदमाशी के लिए समय नहीं मिलेगा. बढ़ते बच्चों को घर में पूजा पाठ से लेकर दूसरे इवेंट जैसे कि शादी तक के कार्यक्रमों में भागीदार बनाएं, काम दें, जिम्मेदारी दें. आस पड़ोस में हो रहे इवेंट में भी उसे मदद करने के लिए और भागीदार होने के लिए प्रेरित करें. यह जरुरी है. इससे वह जिंदगी में जीने कि कला सीखेगा, स्किल्स सीखेगा जो आगे जाकर उसे नौकरी या काम मिलने में मददगार होगी.
त्योहारों और संस्कारों को जियें. बच्चों में भी संस्कार उत्पन्न करें. अति जरुरी है.
हिंदुस्तान में cousin शब्द नहीं था. कहीं कहीं अब आ गया है. यहाँ सब सगे भाई बहन ही थे. खैर, सभी भाई बहन प्यार से रहें. सगे चचरे ममेरे फुफेरे सभी भाई बहन प्यार से रहें. जिंदगी सुखी रहेगी. सच.
आजकल मोबाइल हर हाथ में है. अपने वृहत परिवार का ग्रुप बनाएं. कल मेरी बेटी बता रही थी कि उसके मोबाइल पर whatsapp में ‘पांडे फॅमिली’ का एक ग्रुप है जिसमें उसके मामा लोगों के सभी भाई बहन जुड़े हैं. आजकल के बच्चे इस सब में होशियार हैं. उन्हें सही दिशा दें. ये बच्चे आपको इस तरह की टेक्निकल सहायता करेंगे.
चिल्लाएं नहीं. धीमी आवाज में बात करें. बड़े छोटे कि मर्यादा का पालन करें. लड़ें नहीं. खासकर बच्चों के सामने न लड़ें. प्यार से रहें. नम्र रहें. समय व स्थिति के अनुसार अगर झुकना पड़े तो झुक जाएं. समझौता कर लें. परिवार के हित में सब जायज़ है.









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